मुख्य वन संरक्षक व फील्ड डायरेक्ट दुधवा टाइगर रिजर्व की अध्यक्षता में दुधवा पर्यटन परिसर में मनाया गया विश्व गैण्डा दिवस

 

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां (खीरी )आज  दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के अन्तर्गत दुधवा पर्यटन परिसर में “विश्व गैण्डा दिवस” का आयोजन मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व लखीमपुर-खीरी की अध्यक्षता में किया गया आयोजन के दौरान डा. रंगाराजू टी०, उपनिदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व, प्रभाग, पलिया खीरी  शशिकान्त अमरेश, वन्य जीव प्रतिपालक दुधवा एवं  प्रदीप कुमार वर्मा, उपप्रभागीय वनाधिकारी बेलरायां,  ए0के0 सिंह,  मुदित गुप्ता, विश्व प्रकृति निधि-भारत,  रोहित रवि, विश्व प्रकृति निधि,  चन्दन मिश्रा, विश्व प्रकृति निधि भारत  राधेश्याम भार्गव, सहायक परियोजना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि-भारत ईको विकास समिति अध्यक्ष व सदस्य, क्षेत्र के सम्मानित व्यक्ति, इण्डियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न विद्यालयों के बच्चे, गुरूजन एवं फील्ड स्टाफ उपस्थित रहा।

उक्त कार्यक्रम में उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी द्वारा सर्व प्रथम आयोजन के दौरान उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त किया गया तथा विश्व गैण्डा दिवस के अवसर पर गैण्डा के पारिस्थितकी तंत्र में महत्व एवं उनके सुरक्षा प्रबन्धन पर प्रकाश डाला गया आयोजन के दौरान उपस्थित सभी लोगों को वन एवं वन्य जीव सुरक्षा हेतु जागरूक / प्रेरित किया गया तथा सुरक्षा में सहयोग हेतु आवहन किया गया विश्व गैण्डा दिवस के अवसर पर दुधवा पर्यटन परिसर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कराया गया। उक्त आयोजन में 08 स्कूली बच्चों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया गया।

मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर-खीरी द्वारा गण्डा के महत्व के बारे में विस्तार से प्रकाश डालते हुये बताया गया कि गैण्ड़ा भारत में आसाम व पश्चिम बंगाल में पाये जाते है व गण्डों के संरक्षण में उ0प्र0 के दुधवा नेशनल पार्क का महत्वपूर्ण योगदान है। गैण्डो को सफलतापूर्वक दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में सन् 1984 से पुर्नस्थापित किया गया था। दुधवा में प्रथम गैण्डा पुर्नवास की स्थापना सन 1984 में आसाम प्रदेश से 05 मादा व 02 नर गैण्डे लाकर किया गया था। प्रथम गण्डा पुर्नवास का एरिया 27 वर्ग किमीवन से अधिक है वर्तमान समय में इनकी संख्या में काफी बढोत्तरी हुई। इनकी संख्या में बढोत्तरी को ध्यान में रखते हुये वर्ष 2018 में बेलरायां रेंज, दुधवा टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत भादी प्रक्षेत्र में द्वितीय गैण्डा पुर्नवास की स्थापना 01 नर व 03 मादा गैण्डों के साथ की गयी। द्वितीय गैण्डा पुर्नवास क्षेत्र का एरिया 13 वर्ग किमी से अधिक है। इसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये सम्पूर्ण एरिया को सोलर पावर इलैक्ट्रीक फेस से लैस किया गया है। वर्तमान में दुधवा टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत प्रथम गैण्डा पुर्नवास योजना में 40 य द्वितीय गैण्डा पुर्नवास योजना में 06 इस प्रकार दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया खीरी में कुल 46 गैण्डा स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे है, गैण्डों की संख्या में निरन्तर वृद्धि रही है तथा इसकी सुरक्षा हेतु विशेष पेट्रोलिंग टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न संसाधनों के आधुनिक संयंत्र ड्रोन कैमरा के साथ उसकी निगरानी / सुरक्षा की जा रही है साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि भविष्य में गैण्डो के अन्य स्थानों पर पुर्नस्थापन करने के सम्बन्ध में प्रयास किया जा रहा है।

डा० रंगाराजू टी०, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी द्वारा गैण्डा दिवस के अवसर पर स्टाफ को निर्देशित किया गया कि गैण्डा अनुश्रवण में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाये। जिस स्टाफ की ड्यूटी गैण्डो की मॉनिटरिंग हेतु लगायी गयी है वे नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारी को निभाये तथा गैण्डों के लोकेशन को लोकेट करें तथा उस पर विशेष ध्यान दें एवं उसकी दैनिक व्यवहार को भी नोट करें। तॉकि उनका उचित संरक्षण व प्रबन्धन किया जा सकें।

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