हिंदी के ओज और वीर रस के प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर  जो युग चारण , श्रेष्ठ कवि राष्ट्र कवि थे   आज  23 नवंबर उनकी जयंती पर उनकी स्मृति में हम उनकी चार पंक्तियां लिखते हैं – “सदियों की ठंढी बुझी आग सुगबुगा उठी, मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है। दो राह, समय के रथ का घर्घर नाद सुनो, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है”।।

दैनिक संदेशवाहक लखनऊ
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